श्री हरसिद्धि देवी मंदिर

श्री हरसिद्धि देवी मंदिर

उज्जैन में प्राचीन व पवित्र स्थानों में श्री हरसिद्धि देवी विशेष महत्वपूर्ण है, दक्ष यज्ञ विध्वंष के पश्चात सती की कोहनी यहा गिरी थी इसलिए तांत्रिक ग्रंथों में इसे शक्तिपीठ व सिद्धपीठ कहा गया है । यह 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ है । यह देवी सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य कुलदेवी रही है । […]

श्री बड़ा गणेश मंदिर

श्री बड़ा गणेश मंदिर

श्री बड़ा गणेश मंदिर श्री महाकालेश्वर मंदिर के समीप श्री गणेषजी की भव्य और मनोहारी विशाल प्रतिमा है । यह मंदिर के मध्य में पंचमुखी श्री हनुमानजी की प्रतिमा है जो पृथ्वी, कुर्मनाग और उस पर कमल कीविकसित नाभि पर प्रतिष्ठित है ।

सिंहस्थ

सिंहस्थ

सिंहस्थ – पुराणों में उललेख है समुद्र मंथन सेप्राप्त 14 रत्न में अमृत भी प्राप्त हुआ था । अमृत को लेकर देव-दानवों में संघर्ष से प्रयाग, नाशिक , उज्जैन व हरिद्वार में अमृत बूंद झलकी थी, जिससे चारों तीर्थ अति पूण्यप्रद व अमृतमय हो गए ।

श्री महाकालेश्वर

श्री महाकालेश्वर

श्री महाकालेश्वर – ज्योर्तिर्लिंग श्री महाकाल पृथ्वी लोक के अधिपति अर्थात राजा है, देश के बारह ज्योर्तिलिंग में श्री महाकाल एकमात्र ऐसा ज्योर्तिलिंग है जिसकी प्रतिष्ठा पूरी पृथ्वी के राजा और मृत्यु लोक के देवता श्री महाकाल के रूप् में की गई है ।

उज्जैयिनी (उज्जैन)

उज्जैयिनी (उज्जैन)

उज्जैन – उज्जैन का प्राचीन नाम है उज्जैयिनी, भारत के मध्य में स्थित उसकी परम्परागत सांस्कृतिक राजधानी रही । यह चिरकाल तक भारत की राजनैतिक धुरी भी रही । इस नगरी का पोराणिक और धार्मिक महत्व सर्वज्ञात है । भगवान श्री कृष्ण की यह शिक्षा स्थली रही ।