श्री चिंतामण मंदिर

श्री चिंतामण मंदिर

यहाँ श्री चिंतामण्सा गणेश के साथ इच्छापूर्ण और चिंताहरण गणेश की प्रतिमाएँ हैं । चैत्र मास बुधवार के दिन यहाँ मेला लगता है । बड़े भक्ति भाव से किसी शुभ कार्य अथवा विवाह का निमंत्रण पहले यहाँ अर्पण कर कार्य सम्पन्न होने का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है ।

वैधशाला

वैधशाला

राजा जयसिंह ने जयपुर, काषी, मथुरा, दिल्ली के साथ उज्जैन में भी वैधशाला का निर्माण कराया । इसका निर्माण सन् 1730 में हुआ । ज्योतिर्गणना की दृष्टि से उज्जैन का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है । खगोलीय अध्ययन के लिये इस केन्द्र की भौगोलिक स्थिति अत्यंत उपयोगी है ।