सम्राट विक्रमादित्य

उज्जैयिनी के साथ सम्राट विक्रमादित्य का नाम जुड़ा हुआ है । राजा विक्रम के सिंहासन की पुतलीयों की कहानियाँ सिंहासन बत्तीसी तथा बेताल पच्चीसी की कहानियाँ मालवा के जन-जन में व्यापक है । महाराजा विक्रमादित्य की एक आधुनिक प्रतिमा हरसिद्धी के पास उत्तर में स्थित है।

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