वैधशाला

राजा जयसिंह ने जयपुर, काषी, मथुरा, दिल्ली के साथ उज्जैन में भी वैधशाला का निर्माण कराया । इसका निर्माण सन् 1730 में हुआ । ज्योतिर्गणना की दृष्टि से उज्जैन का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है । खगोलीय अध्ययन के लिये इस केन्द्र की भौगोलिक स्थिति अत्यंत उपयोगी है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>